सतना रेलवे स्टेशन के बाहर ऑटो चालकों की मनमानी और नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों ने जाम की समस्या को स्थायी बना दिया है। ट्रेन आने के साथ ही यात्रियों को अंदर-बाहर निकलने में भारी परेशानी होती है। पार्किंग ठेका खत्म होने से व्यवस्थाएं ध्वस्त हैं और दोपहिया वाहन चोरी जैसी घटनाएं भी बढ़ रही हैं। यात्री और स्थानीय लोग रेलवे प्रशासन से सख्त कार्रवाई और नई पार्किंग व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
सतना रेलवे स्टेशन की पार्किंग सुविधा ठेकेदार द्वारा घाटे के चलते सरेंडर कर दी गई है। अब यात्री अपने दो और चार पहिया वाहनों की सुरक्षा खुद करेंगे। रेलवे ने फिलहाल कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है, जल्द नई निविदा प्रक्रिया शुरू होगी।














